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केवल बिहार नहीं असम में भी ऐसा हुआ, पर मीडिया बताती नहीं

Assam board results forgery एक्सक्लुसिव ख़बर समाचार 
बिहार के साथ ऐसा दो बार हो चुका है। पिछले दो साल से बिहार बोर्ड के टॉपर परीक्षा में टॉप होने के बाद जेल पहुंच जाते है। पिछली बार आर्ट्स की टॉपर रुबि राय जेल गईं। इस बार गणेश कुमार गिरफ्तार कर लिए गए। बिहार से ऐसी खबरें आई की परीक्षा की कॉपी जांच करने में भी खूब घालमेल हुई। जिसने अंग्रेजी की परीक्षा दी, उसे अंग्रेजी की जगह हिंदी विषय के नंबर मार्कशीट में दिखे। जिसने फिजिक्स का इत्हिना दिया उसे बायलॉजी के नंबर दे दिए गए।
लेकिन एक बात और है जिस पर ना चर्चा हुई ना मीडिया में ज्यादा बातें हुई। असम बोर्ड में भी कुछ ऐसा ही कारनामा हुआ है। असम के सिलचर शहर की एक लड़की टॉप टेन में आई। लेकिन उसके बारे में फैलाया गया कि उसने केमिस्ट्री का इम्तिहान ही नहीं दिया था। जिस लड़के को असम बोर्ड में नौवां रैंक मिला, उसके बारे में पता चला कि उसे गणित में 94 नंबर दिए गए हैं जबकि उसने गणित की परीक्षा ही नहीं दी थी। दरअसल ये मामला खोला सिलर के होली क्रॉस स्कूल ने। इस स्कूल की स्टूडेंट हैं दायिता पुष्पा स्वामी। पुष्पा का जब रिजल्ट आया तो उसका नाम मेरिट लिस्ट में नहीं था। वो स्कूल की सबसे होशियार लड़की मानी जाती थीं, इसलिए टीचर भी चकित रह गए। बोर्ड की तरफ से जारी रिजल्ट में ये लिखा था कि दायिता पुष्पा ने एक विषय की परीक्षा नहीं दी, जबकि टीचर भी जानते थे कि दायिता ने सभी विषय की परीक्षा दी थी। दायीता के माता पिता गुवाहाटी गए उन्होंने असम बोर्ड से दोबारा कापियां निकलवाई और कॉपियां जांची गई। जब कॉपी निकली तो पता चला कि दायिता ने केमिस्ट्री की परीक्षा दी थी और इसमें उसे 95 नंबर भी मिले। उसे 500 में से 475 नंबर मिले। सोचिए  बच्चों के भविष्य से किस तरह खिलवाड़ हो रहा है और ऐसा सिर्फ बिहार में नहीं हो रहा है।
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